रेपो दर 5.25% पर स्थिर:  RBI ने लिया बड़ा फैसला — अब EMI नहीं बढ़ेगी, जानिए आप पर इसका क्या होगा असर

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आज की सबसे बड़ी आर्थिक खबर आ गई है भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी हालिया मौद्रिक नीति समीक्षा में महत्वपूर्ण नीतिगत ब्याज दरों में कोई भी बदलाव नहीं करने का फैसला लिया है आरबीआई के वर्तमान गवर्नर संजय मल्होत्रा ने एमपीसी की बैठक की फसलों की घोषणा करते हुए बताएं कि रेपो रेट को 5.25% पर ही रखा जाएगा जिसे फायदा यह होगा कि EMI नहीं बढ़ेगी

रेपो दर क्या होती है और आपको क्यों जाननी चाहिए?

रेपो रेट वह ब्याज दर होती है जिस पर आरबीआई बैंकों को कम समय के लिए कर्ज देता है जब आरबीआई रेपो रेट को कम रखता है तो बैंकों के लिए पैसा सस्ता हो जाता है और वह अपने कस्टमर को सस्ते लोन दे सकते हैं इसका उल्टा अगर रेपो रेट बढ़ जाए तो लोन महंगे हो जाएगी सीधे शब्दों में गए तो यह एक ऐसी दर होती है जो आपके होम लोन का लोन और पर्सनल लोन की ईएमआई को सीधे प्रभावित भी करते हैं

आज के फैसले का आप पर क्या असर?

अगर आरबीआई रेपो रेट 5.25% रखता है तो फायदा यह होगा की कर्ज महंगा नहीं होगा नया लोन पहले की ब्याज दर पर मिलता रहेगा साथ ही मौजूद होम लोन कर लोन पर्सनल लोन और बिजनेस लोन के ग्राहकों की ईएमआई में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी

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फैसले की पृष्ठभूमि — क्यों बदली नहीं दर?

फरवरी 2025 से लेकर अब तक आरबीआई ने रेपो दर में कुल 1.25% की कटौती की है जो 2019 के बाद सबसे बड़ी है इतनी बड़ी रात देने के बाद अब रब सतर्क रुख अपना रहा है

पूरी दुनिया में असथिरता के दौर में मौद्रिक नीति समिति ने घरेलू अर्थव्यवस्था को सुचारू रूप से चलने के लिए एक संतुलन बनाया है रेपो रेट कम रखकर महंगा इधर को 4% के नीचे रखना लक्ष्य है 

वैश्विक तनाव का असर

मध्य पूर्व में जारी युद्ध ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों को बाधित किया है, जिससे ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई हैं। इसी कारण RBI ने सतर्कता बरती और दरों में कोई बदलाव नहीं किया।

CPI आधारित महंगाई दर साल 2026-27 में 4.6% रहने का अनुमान है।

मध्य पूर्व में होने वाले युद्ध के कारण पूरी दुनिया के ऊर्जा बाजार को बहुत ज्यादा प्रभावित किया है जिससे ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत $100 प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई इस कारण से आरबीआई ने सतर्कता बरती  है और दरों  में कोई बदलाव नहीं किया है

CPI  आधारित महंगाई दर साल 2026 27 में 4.6% रहने का अनुमान है और आरबीआई इसके लिए अच्छे काम कर रहा है

आगे क्या होगा?

RBI हर वित्त वर्ष में छह बार MPC की बैठक करता है। 2026-27 के लिए अगली बैठकें जून, अगस्त, अक्टूबर, दिसंबर और फरवरी में होंगी। विशेषज्ञों के अनुसार अगर महंगाई नियंत्रण में रही और वैश्विक हालात सुधरे, तो आगे दरों में कटौती की संभावना बन सकती है।

भारतीय रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया हर साल 6 बार एमपीसी की बैठक करता है वर्ष 2026 27 की अगली बैठक जून अगस्त अक्टूबर और फरवरी में होना है जानकारों की मानें तो अगर महंगाई दर कंट्रोल में रही वैश्विक हालात  सुधरे तो आगे दरों में कटौती की संभावना बनी रह सकती है

सारांश: अभी फिलहाल आपकी ईएमआई सुरक्षित है आरबीआई ने स्थिरता को बढ़ावा दिया है यह आम उधर करता हूं के लिए रात की और खुशी की खबर है

Note: This information is for educational purposes only. Please verify with official sources before making any financial decisions.