Self Finance Kya Hota Hai – पूरी व सही जानकारी आसान शब्दो में

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आजकल आपने फाइनेंस शब्द  को कहीं सुना ही होगा और आपको पता ही भी होगा कि फाइनेंस का मतलब क्या होता है लेकिन इन सबके बीच सेल्फ फाइनेंस शब्द को जरूर सुना होगा कि आखिर सेल्फ फाइनेंस क्या होता है वैसे तो फाइनेंस का मतलब वित्त या  धन से होता है  और फाइनेंस में ही एक प्रकार सेल्फ फाइनेंस होता है जिसमें फाइनेंस का कार्य किया जाता है आज हम इस ब्लॉग में आपको सेल्फ फाइनेंस क्या होता है सेल्फ फाइनेंस अर्थ सेल्फ फाइनेंस कैसे करें सेल्फ फाइनेंस के फायदे और भी बहुत कुछ हमारे इस ब्लॉग सेल्फ फाइनेंस क्या होता है इसमें हम आपको संपूर्ण जानकारी देंगे

Table of Contents

Self Finance Kya Hota Hai  

अब  हम बात करते हैं कि सेल्फ फाइनेंस क्या होता है आपने यह जरूर ध्यान दिया होगा कि सेल्फ फाइनेंस शब्द में दो शब्द है पहला सेल्फ जिसका अर्थ होता है स्वयं या खुद से और दूसरा शब्द फाइनेंस है जिसका अर्थ वित्त या धन से है जिसमें पूंजी लगाकर कोई कार्य किया जाता है 

सेल्फ फाइनेंस,  फाइनेंस का ही एक रूप है जिसमें कोई भी व्यक्ति या संस्था अपने खर्चा अपने कार्यों कंपनी के एंप्लॉय की सैलरी उत्पादन करने की मशीनरी अकाउंट्स आदि में संस्था अपनी ही पूंजी का उपयोग लेती है ना की किसी फाइनेंस कंपनी या बैंक से लोन उठाकर अपना कार्य करती है

 सेल्फ फाइनेंस में मुख्य तौर पर स्वयं की पूंजी से ही सारा व्यवसायिक कार्य किया जाता है ना की किसी से उधार लेकर इसमें जो भी पूंजी व्यापार में लगी हुई रहती है वह संस्था की खुद की पूंजी रहती है सेल्फ फाइनेंस में संस्था किसी  दूसरी संस्था पर निर्भर नहीं रहती है इस पूरी व्यवस्था को यानी कि स्वयं से पैसा लगाकर व्यापार करना अपने बिजनेस को फाइनेंस करना ही सेल्फ फाइनेंस कहलाता है 

हिंदी में सेल्फ फाइनेंस का मतलब सब वित्त पोषित होता है जिसका  मतलब वित्त या  धन से होता है जो कि स्वयं खुद के द्वारा ही व्यापार में लगाया जाता है ना किसी अन्य कंपनी से लोन लिया जाता है तो अब आप समझ ही गए होंगे कि सेल्फ फाइनेंस क्या होता है

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Self Financing Kaise Hoti Hai – सेल्फ फाइनेंसिंग कैसे होती है

वैसे तो हम कई प्रकार से self-financing कर सकते हैं लेकिन हम आपको क्रमानुसार यहां self-financing कैसे होती है बताएंगे

  1. सेल्फ फाइनेंसिंग में आपको अपनी हिस्सेदारी बड़ा नहीं होगी कंपनी में और दूसरों के निवेश पर कम आधारित रहना होगा जिससे कि  आपकी कंपनी में हिस्सेदारी ज्यादा बनी रहे और आपको फायदा भी ज्यादा हो
  2. जितने भी राशि आपने कंपनी में लगाई हुई है उस राशि को इकट्ठा करें और अपना खुद का सेल्फ फाइनेंसिंग करें  अर्थात कि आप अपने कामों पर पैसा लगाएं
  3. अपने जितने भी वित्तीय अनुपात हैं उन्हें सुधार करें
  4. जितने भी कंपनी में इन्वेस्ट करने वाले हैं उन सब से ज्यादा से ज्यादा दूरी बनाए उन पर निर्भर कम रहे
  5. कंपनी में पैसा लगाने के लिए अपने खुद के धन का यूज़ करें ना कि निवेशकों के धन का
  6. अपने व्यापार मॉडल को ऐसा बनाएं कि आपको इससे ज्यादा से ज्यादा फायदा हो और आपको ज्यादा से ज्यादा धन मिले जिससे कि आप सेल्फ फाइनेंसिंग कर सके
  7.  आप जो भी कंपनी में सुधार के कार्य करें अपने व्यापार को बढ़ाने के लिए जो भी कार्य करें उसमें आप अपना खुद का पैसा लगाएं ना की किसी दूसरे से कर्जा लेकर
  8. ऐसी योजनाएं या ऐसी व्यवस्थाएं बनाएं जिससे आय के स्रोत ज्यादा से ज्यादा बड़े और कंपनी का ज्यादा से ज्यादा फायदा हो जिससे कि आप self-financing कर सकते हैं

Self Funding Ke Fayde – सेल्फ फंडिंग के फायदे

 सेल्फी फंडिंग के बहुत ही ज्यादा फायदे हैं जो हम आपको कर्मानुसार बताएंगे जिससे कि आप भी सेल्फ फंडिंग कर सकते हैं

अधिक लचीलापन और खुद का पूरा कंट्रोल

सेल्फी फंडिंग का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आप अपने कर्मचारियों की जरूरतों को पूरा करने के लिए आप उनके लिए खुद से योजना बना सकते हैं किसी बाहरी निवेश की सलाह लेने की आपको जरूरत नहीं है और आप अपने खुद के फैसले खुद ले सकते हैं इसमें कोई भी आपके फैसले को नहीं बदल सकता है आप अपने फेसलो के खुद मालिक रहते हैं  सेल्फ फंडिंग में सबसे बड़ा फायदा यही है

आर्थिक लाभ

अगर आप सेल्फी फंडिंग करते हैं तो आपको सबसे बड़ा फायदा यही है कि कंपनी में जितना भी प्रॉफिट होता है उसके मालिक आप ही रहते हैं अगर  कंपनी सेल्फ फंडिंग नहीं रहती है तो जिन्होंने भी कंपनी में पैसा लगाया है अगर कंपनी में प्रॉफिट होता है तो उनको भी प्रॉफिट का हिस्सा देना पड़ेगा  लेकिन कंपनी सेल्स फंडिंग रहती है तो किसी को भी आपको एक पैसा देने की जरूरत नहीं होती है इससे  आपको सीधा आर्थिक लाभ मिलता है

सही डेटा पारदर्शिता

सेल्फी फंडिंग या स्व-वित्तपोषित योजना के अंदर आपको यह पता रहता है कि आपका पैसा कहां जा रहा है आपके पास अपने पैसे का पूरा लेखा-जोखा रहता है कि आपने अपने पैसे को कहां पर लगाया है और कहां से आपके पास प्रॉफिट हो रहा है

हमने यहां आपको सेल्फी फंडिंग के कुछ मुख्य फायदे बताए हैं और भी बहुत से सेल्फ फंडिंग के फायदे हैं जिनसे आप सिर्फ फंडिंग करके अपने बिजनेस को फायदा पहुंचा सकते हैं सेल्फ फंडिंग में आप अपने बिजनेस के खुद मालिक रहते हैं किसी निवेशक की आपको जरूरत नहीं होती है आप अपने पैसे से ही अपने बिजनेस को संचालित करते हैं और पूरे प्रॉफिट के आप ही हकदार रहते हैं 

बिजनेस में सेल्फ फाइनेंसिंग क्या है?

यहां सेल्फ फाइनेंसिंग  से मतलब है कि कोई भी व्यक्ति अपना बिजनेस करता है और वह अपने बिजनेस में जितना खर्च करता है और उससे ज्यादा प्रॉफिट कमाता है और उसी प्रॉफिट से अपने बिजनेस को आगे बढ़ाता है इस बिजनेस व्यवस्था को   बिजनेस में सेल्फ फाइनेंसिंग कहते हैं इसमें पूरा पैसा बिजनेस करने वाले व्यक्ति का होता है और वही अपने पूरे बिजनेस का मालिक होता है इसमें कोई और दूसरा हिस्सेदार नहीं होता जिसका पैसा उसके बिजनेस में लगा हुआ होता है बिजनेस में self-financing का यही तात्पर्य है

 खुद का बिजनेस क्यों करना चाहिए – Own Business Kyon Karna Chahie

वैसे तो खुद का बिजनेस सभी को करना चाहिए लेकिन खुद का बिजनेस करने में जितना ही रिस्क है उतना ही ज्यादा प्रॉफिट है और उतनी ही ज्यादा आजादी है वहां हम आपको कर्मानुसार बताएंगे कि खुद का बिजनेस क्यों करना चाहिए

सोचने और समझने की पूरी आजादी

मान लीजिए कि आप किसी बड़ी से बड़ी कंपनी में काम कर रहे हैं और आप अपने काम में बहुत ही ज्यादा होशियार हैं और आपके पास तरह-तरह के इनोवेटिव आइडियाज है लेकिन आप उन आइडियाज के साथ अपने खुद के हिसाब से कंपनी में काम नहीं कर सकते क्योंकि प्रत्येक कंपनी का अपना खुद का रूल्स एंड रेगुलेशन होते हैं जिसके तहत वह काम करती है ना कि एंप्लॉय के हिसाब से कंपनी काम करती है जितने भी इंप्लाइज है उनको कंपनी के हिसाब से कार्य करना होता है जिससे कि आप कि सोचने समझने की पूरी आजादी खत्म हो जाती है आपको कंपनी के हिसाब से ही काम करना पड़ता है

 अगर आप का खुद का बिजनेस है तो आप किसी भी तरीके से काम कर सकते हैं अपने आइडिया उसको अपने बिजनेस में इंप्लीमेंट कर सकते हैं और अपने बिजनेस को आगे बढ़ा सकते हैं और आप इसमें अपनी खुद की मर्जी के मालिक होते हैं 

समय की पूरी आजादी

अगर आप सेल्फ बिजनेस या खुद का बिजनेस करते हैं तो आपके पास समय की पूरी आजादी रहती है और आप खुद के बॉस रहते हैं आपको किसी से पूछने की कोई आवश्यकता नहीं है कि क्या करना है और कहां पर जाना है और कैसे बिजनेस करना है एक बार बिजनेस सक्सेसफुल हो जाए तो उसके बाद कहना ही क्या आपके पास टाइम ही टाइम है आप जॉब के मुकाबले बिजनेस में अपने घर वालों के साथ ज्यादा रह सकते हैं घूमने फिरने की पूरी आजादी रहती है और आप अपने हिसाब से समय को मेंटेन कर सकते हैं

धन की पूरी आजादी

यहां धन की की आजादी से मतलब यह है कि अगर कोई जॉब करता है तो उसको पता ही है कि उसकी सैलरी कितनी है और उसे महीना किस हिसाब से  निकालना है  लेकिन दूसरी ओर अगर आपका खुद का बिजनेस है तो  और बिजनेस अच्छा चलता है तो आपको अपने बजट को बार-बार देखने की जरूरत नहीं है आपके पास रुपए पैसों की अनलिमिटेड आजादी रहती है आप कहीं पर भी खर्च कर सकते हैं 

छोटी-मोटी जरूरतों के लिए आपको अपना मन नहीं बनाना पड़ता आप खुले दिल से खर्च कर सकते हैं क्योंकि बिजनेसमैन के पास पैसों की कोई कमी नहीं रहती है क्योंकि वह अपने बिजनेस के लिए अपने दिमाग से काम करता है और लोग उसके नीचे काम करते हैं जिससे कि वह मोटा पैसा कमाता है और उसी पैसे से उसके पास धन की पूरी आजादी रहती है

बिजनेस चलाने के लिए आप कहीं से भी काम कर सकते हैं

खुद का बिजनेस करने का एक फायदा यही है कि आप अपने बिजनेस को कहीं से भी रन कर सकते हैं जैसे कि आप अगर कहीं घूमने गए हुए हैं तो आप अपने मैनेजर्स के संपर्क में रहकर अपना कंपनी का काम करवा सकते हैं इसके लिए आपको ऑफिस जाने की भी जरूरत नहीं है आप घर बैठे अपने बिजनेस को आसानी से रन कर सकते हैं

किसी भी बिजनेस में आसानी से सफलता मिल जाती है

अगर खुद का बिजनेस करते हैं तो  सोचने समझने की क्षमता अधिक बढ़ जाती है और उसी तरीके से दिमाग भी बिजनेसमैन की तरह काम करता है उसे पता रहता है कि कहां इन्वेस्ट करने में कितना फायदा है और कहां इन्वेस्ट करने में लॉस है तो छोटे-मोटे बिजनेस करने में आसानी से सफलता मिल जाती है क्योंकि एक बिजनेसमैन के पास बिजनेस को चलाने के लिए पूरा एक्सपीरियंस होता है उसको बिजनेस के मुख्य मुख्य ज्ञान होते हैं इसीलिए एक सफल बिजनेसमैन किसी भी बिजनेस में आसानी से सफलता पा लेता है  सेल्फ बिजनेस करने का यही फायदा है

Self-financing से आप खुद का ब्रांड बना सकते हैं

अगर आप खुद का बिजनेस करने की सोच रहे हैं तो आप इससे अपनी खुद की कंपनी बना सकते हैं जिसमें सारे आइडियाज आपके होंगे एंड जैसे-जैसे कंपनी आगे बढ़ेगी वैसे-वैसे आपका भी कद बढ़ेगा आपका प्रॉफिट भी बढ़ेगा और आपकी कंपनी का नाम भी होगा समय के साथ आपकी कंपनी एक ब्रांड भी बन जाएगी अगर आपने दिल से अच्छी मेहनत की होगी तो आपकी बिजनेस में तो है एक कामयाबी की राह पर ले जाएगी

खुद का बिजनेस करने से आप दूसरों के लिए रोजगार पैदा कर सकते हैं

अगर आप self-financing के जरिए आप अपना खुद का बिजनेस करते हैं तो आप इससे अपने क्षेत्र के लोगों को रोजगार दे सकते हैं क्योंकि जब आप अपनी खुद की कंपनी चलाएंगे तो उसमें एंप्लॉय की जरूरत तो होगी ही तो आप जितने एंपलॉयर हायर करेंगे उतने लोगों को सैलरी भी देंगे जिससे कि लोगों को ज्यादा से ज्यादा रोजगार भी मिलेगा और उनका भी काम बना रहेगा

गरीब लोगों की मदद भी कर सकते हैं

अगर आप एक बिजनेसमैन के साथ-साथ एक अच्छे इंसान भी है तो  आप भी किसी ना किसी तरीके से गरीब लोगों कि मदद कर सकते हैं उनकी आर्थिक तरीके से ज्यादा से ज्यादा मदद कर सकते हैं अपने क्षेत्र में आप हॉस्पिटल्स स्कूल्स आदि खुलवा सकते हैं जिससे कि ज्यादा से ज्यादा लोगों की मदद हो सके और आपके क्षेत्र के बच्चे भी शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ सकते हैं

आज आपने क्या सीखा

आज आप भी Self Finance क्या होता है इसका मतलब जान ही लिया होगा कि फाइनेंस में Self Finance क्या होता है हमने आपको इस ब्लॉग में सेल्फ फाइनेंसिंग का मतलब बिल्कुल सिंपल उदाहरणों से समझाया है अगर हम सिंपल भाषा में समझे तो सेल्फ फाइनेंसिंग का मतलब खुद  के बिजनेस में किसी दूसरे का पैसा ना लगाकर आप ही का पूरा पैसा बिजनेस में लगाया जाता है जिसे Self Finance कहा जाता है इस ब्लॉग में हमने आपको Self Finance से जुड़े जितने भी सवाल है उन सभी के जवाब आपको अपनी भाषा में दिए हैं जैसे कि सेल्फ फाइनेंसिंग क्या होता है सेल्फ फाइनेंसिंग कैसे होता है Self Finance के फायदे और इसके साथ ही खुद का बिजनेस कैसे शुरू करें इन सभी सवालों के हमने आपको जवाब दिए हैं आशा है कि आपको हमारा यह ब्लॉग पढ़ कर यह समझ में जरूर आ गया होगा कि Self Finance क्या होता है अगर आपको हमारा यह ब्लॉग पसंद आया है तो आप अपने परिवार रिश्तेदार और साथियों में हमारा यह ब्लॉग ज्यादा से ज्यादा शेयर करें और हमारे साथ बने रहे धन्यवाद

FAQ’s

सेल्फ फाइनेंसिंग का मतलब क्या होता है?

आसान शब्दों में सेल्फ फाइनेंसिंग का मतलब एक ऐसा बिजनेस शुरू करना जिसमें पूरा पैसा आप ही का लगा हुआ हो ना कि किसी बैंक से ऋण लिया हुआ हो और ना  किसी दूसरे व्यक्ति से आपके बिजनेस में इन्वेस्ट किया हुआ हो उसे self-financing कहते हैं

सेल्फ का क्या अर्थ होता है?

सेल्फ का मतलब यहां खुद से है यानी कि खुद के द्वारा किए गए जितने भी काम है उन्हें सेल्फ कहा जाता है  यानी कि जो भी काम जो खुद से किया गया हो जो भी कार्य जो खुद से किया गया हो वह सेल्फ  कहलाता है

सेल्फ फाइनेंसिंग के फायदे क्या होते हैं

 सेल्फ फाइनेंसिंग का सबसे बड़ा फायदा यही है कि आपके द्वारा जो भी बिजनेस संचालित है उसमें किसी दूसरे का पैसा नहीं लगा हुआ होता जितना भी बिजनेस में प्रॉफिट होता है आप उसके मालिक रहते हैं सबसे बड़ा फायदा self-financing का यही होता है

डेट एंड सेल्फ फाइनेंसिंग क्या है?

डेड एंड सेल्फ फाइनेंसिंग का मतलब है कि खुद की कंपनी शुरू करना और उस कंपनी में सारा पैसा खुद ही का लगाना किसी दूसरे बैंक या निवेशक से एक भी पैसा ना लेना और कंपनी पर खुद का पूरा कंट्रोल बनाए रखना और प्रॉफिट पर पूरा हक रखना  डेड एंड सेल्फ फाइनेंसिंग कहलाता है

फाइनेंस कितने प्रकार के होते है?

मुख्य तौर पर फाइनेंस तीन  तरह के होते हैं  जैसे कि व्यक्तिगत वित्त सार्वजनिक वित्त निगम वित्त आदि