Stock Market Crash: क्यों हिल गई दुनिया की अर्थव्यवस्था और निवेशकों को क्या करना चाहिए?

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अप्रैल 2025 में दुनिया के शेयर बाजारों में बहुत बड़ी गिरावट आई, जो 2020 के COVID-19 क्रैश के बाद सबसे बड़ी मानी गई।2 अप्रैल 2025 को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने “Liberation Day” के नाम से आयात कर नीतियों की घोषणा की।इस घोषणा के बाद दुनिया भर के निवेशकों में डर फैल गया और शेयर बाजार तेजी से गिरने लगे।

क्रैश कैसे हुआ?

सिर्फ 32 ट्रेडिंग दिनों में Nasdaq Composite Index 20,204 से गिरकर 17,398 पर आ गया, और लगभग 14% की तेज गिरावट हुई।इसी दौरान CBOE Volatility Index (VIX), जिसे “डर का माप” भी कहा जाता है, बढ़कर 45.3 तक पहुंच गया | अप्रैल 2020 के बाद में  इसका सबसे ऊंचा स्तर है।

सिर्फ दो दिनों में अमेरिकी शेयर बाजारों से  6 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा पैसा खत्म हो गया, जिससे पूरी दुनिया के निवेशकों में डर फैल गया और लोगों ने तेजी से अपने शेयर बेचने शुरू कर दिए।

मुख्य कारण क्या थे?

इस क्रैश का सबसे बड़ा और तुरंत हुआ कारण ट्रंप की “Liberation Day” टैरिफ नीति थी। इस नीति में लगभग सभी आयातित चीजों, खासकर चीन से आने वाले सामान पर, बहुत ज्यादा टैक्स लगा दिया गया | इतना ज्यादा जितना पिछले करीब 100 साल में नहीं देखा गया था।

इसके अलावा, टेक सेक्टर की AI वाली कंपनियों की बहुत ज्यादा वैल्यू और अमेरिका के Federal Reserve की साफ न होने वाली ब्याज दर नीति ने भी बाजार को कमजोर कर दिया।

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बाजार ने कैसे की वापसी?

9 अप्रैल 2025 को अमेरिकी सरकार ने टैरिफ में 90 दिन की राहत देने का फैसला किया। इस खबर के बाद शेयर बाजार में तेजी आ गई।इसके बाद 13 मई तक S&P 500 इंडेक्स साल की शुरुआत की तुलना में बढ़त में आ गया।और फिर 27 जून 2025 को S&P 500 ने 6,173 का नया रिकॉर्ड ऑल-टाइम हाई बना लिया और उसी पर बंद हुआ।

निवेशकों के लिए सबक

इतिहास बताता है कि पिछले 150 सालों में शेयर बाजार में 19 बड़े क्रैश आए, लेकिन हर बार बाजार गिरने के बाद फिर संभाला और पहले से भी ज्यादा ऊंचाई पर पहुंच गया।विशेषज्ञों की सलाह है कि ऐसी स्थिति में घबराकर अपने शेयर बेचने की बजाय समझदारी से काम लें। अपने पैसे को अलग-अलग जगह लगाएं  ताकि जोखिम कम हो। और सबसे जरूरी बात — लंबी अवधि के नजरिए से निवेश करें, जल्दबाजी में फैसले न लें।

निष्कर्ष:

Stock Market Crash डरावना लगता है, लेकिन यह अंत नहीं होता। जो निवेशक समझदारी से फैसले लेते हैं, वे ही हर गिरावट के बाद सबसे ज्यादा फायदा कमाते हैं। बाजार की यही सच्चाई है कि गिरावट के बाद हमेशा तेजी  आती है।

Note: This information is for educational purposes only. Please verify with official sources before making any financial decisions.

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