EPFO Minimum Pension Hike: ₹1,000 से ₹7,500 हो सकती है न्यूनतम पेंशन — जानें पूरी जानकारी 

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

देशभर के EPS-95 पेंशनर्स के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। सरकार अब न्यूनतम पेंशन को ₹1,000 से बढ़ाकर ₹7,500 प्रति महीने करने के प्रस्ताव पर गंभीरता से सोच रही है। यह मांग कई सालों से चल रही थी, और अब संसदीय समिति ने भी इसे मंजूरी दे दी है। 

क्या है पूरा मामला?

Employees’ Pension Scheme EPS-95 साल 1995 से  शुरू हुई थी। इस योजना में जो कर्मचारी 10 साल या उससे ज्यादा साल  काम करते हैं और 58 साल की उम्र पूरी कर लेते हैं, उन्हें हर महीने पेंशन मिलने लग जाती है। लेकिन इसमें मिलने वाली कम से कम पेंशन सिर्फ ₹1,000 प्रति महीना है, जो आज की महंगाई के हिसाब से बहुत कम है। 

ताजा जानकारी 

बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, EPFO के सूत्रों ने बताया है कि इस मुद्दे पर अभी बातचीत चल रही है और जल्द ही कोई फैसला लिया जा सकता है। संसदीय समिति ने भी इसे बढ़ाने की सलाह दी है।

मुख्य आंकड़े एक नजर में
6.5 करोड़ से ज्यादा कर्मचारी प्रभावित होंगे, नई सैलरी की सीमा ₹25,000 रखने का प्रस्ताव है |  FY26 के लिए EPF पर 8.25% ब्याज मिलेगा, कुल फंड लगभग ₹8.31 लाख करोड़ है | 

पेंशनर्स की प्रमुख मांगें

न्यूनतम पेंशन ₹1,000 से बढ़ाकर ₹7,500 प्रति माह की जाए अब हर पेंशनर को कम से कम ₹7,500 हर महीने मिलेगी। पेंशन को महंगाई भत्ते से जोड़ा जाए ताकि AICPI इंडेक्स के आधार पर नियमित संशोधन में महंगाई बढ़ने के साथ पेंशन भी अपने आप बढ़ती रहे। वेज सीलिंग को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 किया जाए ताकि योगदान और पेंशन दोनों बढ़ें  जिससे सैलरी की सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 कर दी जाए, जिससे जमा पैसा और पेंशन दोनों ज्यादा मिलें और पेंशनर्स और उनके जीवनसाथी को मुफ्त चिकित्सा सुविधा दी जाए ताकि पेंशन लेने वालों और उनके पति/पत्नी को मुक्त में इलाज मिले।

क्या है अड़चन?

EPFO के हिसाब से EPS फंड में पहले से ही पैसों की कमी चल रही  है। अगर न्यूनतम पेंशन को ज्यादा बढ़ाया जाता है, तो सरकार पर अतिरिक्त खर्च भी बढ़ जायेगा । इसलिए वित्त मंत्रालय अभी यह देख रहा है कि इस फैसले का कितना आर्थिक असर पड़ेगा। अभी तक इस पर कैबिनेट की तरफ से कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

आगे क्या होगा?

सरकार या संकेत देती हैं कि यह फैसला जल्द आ सकता है। अगर वेतन सीमा ₹25,000 हो जाती है, तो नियोक्ता का EPS में योगदान ₹1,250 से बढ़कर लगभग ₹2,083 प्रति माह हो जाएगा। इससे आगे चलकर पेंशन लेने वालों को ज्यादा पेंशन मिलेगी।

Note: This information is for educational purposes only. Please verify with official sources before making any financial decisions.

Leave a Comment